फगवाड़ा 16 मई ( प्रीति ) फगवाड़ा में पिछले कुछ समय से सरकारी कर्मचारियों और सोशल मीडिया पर सरगर्म स्वयंभू पत्रकारों की मिलीभगत से भोले-भाले लोगों को ठगने के कई मामले सामने आए हैं। ऐसा ही मामला फगवाड़ा के बसंत नगर की गली नंबर 3 निवासी काला पुत्र बैज नाथ के साथ भी देखने को मिला है। पीडि़त काला ने एस.पी. रुपिंदर कौर भट्टी और ए.डी.सी. डा. अक्षिता गुप्ता को ज्ञापन सौंप कर बताया कि खुद को पत्रकार कहने वाले कुछ लोग नगर निगम के एक अधिकारी से मिलीभगत कर रेहड़ी-पटरी वालों को ब्लैकमेल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह लोग पहले अपने अपने गिरोह के एक स्वयंभू पत्रकार साथी के माध्यम से मुख्यमंत्री पंजाब के पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हैं। फिर वह शिकायत निगम अधिकारी हरप्रीत सिंह के पास पहुंचती है। उस शिकायत के आधार पर हरप्रीत सिंह संबंधित रेहड़ी वाले को सरकारी जगह पर किया अवैध कब्जा छोडऩे के लिये धमकाता है। फिर उनका साथी पत्रकार वहां पहुंचता है और मामले को निपटाने के बदले में रेहड़ी पटरी वाले से पैसे की मांग करता है। उसने बताया कि उस पत्रकार ने उससे भी कहा कि हरप्रीत सिंह से उसकी सेटिंग है और वह पांच हजार रुपये में शिकायत रफा-दफा करवा देगा। पीडि़त ने न्याय की मांग करते हुए कहा कि वह बीमार रहता है और रेहड़ी लगाकर किसी तरह अपने बच्चों का पालन पोषण कर रहा है। इस दौरान समाज सेवक विजय कुमार और शिवसेना यूबीटी पंजाब प्रेस सचिव कमल सरोज ने कहा कि कुछ तथाकथित पत्रकार और सरकारी कर्मचारी शहर की छवि खराब कर रहे हैं। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे शहर के अवैध कब्जे दरकिनार कर केवल किसी एक रेहड़ी पटरी वाले को परेशान करना सरासर गलत है। इस पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि निगम कर्मचारी हरप्रीत सिंह के पास कितनी शिकायतें पहुंची और उसने कितने मामलों में सेटिंग की है। उन्होंने साफ कहा कि जब तक इस पूरे गोरखधंधे का पर्दाफाश नहीं हो जाता, वे चुप नहीं बैठेंगे।






