लुधियाना, 17 जुलाई 2025
बरसात के मौसम के दौरान पानी के माध्यम से फैलने वाली बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग लुधियाना द्वारा सिविल सर्जन डॉ. रमनदीप कौर के नेतृत्व में जिलेभर में रोकथाम संबंधी गतिविधियों को तेज कर दिया गया है।
इस अभियान के तहत झुग्गी-झोपड़ी और संवेदनशील इलाकों में जनता को डायरिया, टाइफाइड, पीलिया, हैजा और गैस्ट्रोएन्टेराइटिस जैसी बीमारियों के बारे में जानकारी दी गई। लोगों को केवल उबला हुआ या क्लोरीन युक्त पानी पीने, साफ-सफाई बनाए रखने और बासी व खुला खाना न खाने की सलाह दी गई।
जागरूकता के साथ-साथ क्लोरीन की गोलियां और ORS (ओरल रीहाइड्रेशन सॉल्ट्स) भी लोगों में मुफ्त वितरित किए गए, ताकि उन्हें सुरक्षित पानी और डिहाइड्रेशन से बचाव के लिए आवश्यक सहायता मिल सके।
अभियान के दौरान फतेहगढ़ मोहल्ला और डिस्पेंसरी छावनी मोहल्ला का दौरा भी किया गया, जहां टीम ने स्थानीय निवासियों से बातचीत की, मौके की स्थिति का जायजा लिया और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी।
सिविल सर्जन कार्यालय की टीम, जिसकी अगुवाई जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. रमणप्रीत (IDSP) ने की, ने जल सैंपलिंग टीम के साथ मिलकर सार्वजनिक और निजी स्रोतों से कई पानी के सैंपल एकत्र किए। ये सैंपल लैब में जांच के लिए भेजे जाएंगे और जहां आवश्यकता होगी, वहां तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. रमनदीप कौर ने कहा, “मानसून राहत के साथ-साथ खतरे भी लाता है। हमारा विभाग पहले ही समुदायों तक पहुँच कर बीमारियों की रोकथाम के लिए काम कर रहा है। प्रारंभिक रोकथाम, जल की सुरक्षा और लोगों की भागीदारी इस प्रयास की कुंजी हैं।”
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि सतर्क रहें, क्लोरीन मिला हुआ या उबला हुआ पानी ही पिएं, और यदि डायरिया, उल्टी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।






