गुरदासपुर (सुशील बरनाला)-:
आर्य समाज गांव बरनाला की ओर से अमर शहीद स्वामी श्रध्दानंद जी का बलिदान दिवस श्रद्धापूर्वक मनाया गया।पुरोहित हितेश गुलशन ने गायत्री यज्ञ का आयोजन किया गया।उपस्थित आर्य जनो ने हवन यज्ञ में आहुतिया डालकर स्वामी जी को श्रद्धांजली अर्पित की ।समारोह में मुख्य वकता मंत्री तरसेम लाल आर्य ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामी जी का बचपन का नाम मुन्शी राम ।वह एक एडवोकेट थे। वह नास्तिक थे।एक बार बरेली में वह स्वामी दयानन्द सरस्वती जी के संपर्क में आ कर उनका जीवन ही बदल गया।वह पक्के ईशवर विश्वासी बन गए। स्वामी श्रध्दानंद जी पक्के आर्य समाजी,महान शिक्षाविद्द स्वतन्त्रा संग्राम के प्रमुख सेनानी, समाज सुधारक दलितो ओर पिछड़ो के मसीहा बन कर आए।वह एक प्रखर वकता थे।उन्होंने हरिद्वार में गुरुकुल की सथापना की जो आज एक विशव विद्यालय के रूप में कार्यरत है। उन्होने धर्म परिवर्तन कर चुके सैकड़ों लोगो को पुनः वैदिक धर्म में प्रवेश कराया। इसी बात से खिन होकर एक मतान्ध ने स्वामी जी को शहीद कर दिया।इस अवसर पर प्रेस सचिव सुशील बरनाला,पंकज डोगरा, राज कुमारी,सोनीया गुलशन, आदि उपस्थित थे।






