ट्रांसपोर्ट अधिकारियों की मिली भगत से फर्जी स्कूली बसों से मासूम स्कूली बच्चों को लाया और ले जाया जा रहा है ।
लुधियाना (अर्जन ब्यूरो ) माननीय पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई, जिसमें स्कूली बसों के फर्जी पंजीकरण एवं फिटनेस खत्म वाहनों से स्कूली बच्चों को स्कूल लाया और ले जाया जा रहा है।
यह जनहित याचिका वरिष्ठ एडवोकेट श्री चंदन राणा द्वारा लगाई गई। वरिष्ठ एडवोकेट चंद राणा ने बताया कि याचिका में लुधियाना निवासी श्री जसबीर सिंह ने बताया कि संगरूर परिवहन विभाग द्वारा चालान किए गए जिसमें संगरूर परिवहन विभाग ने चालान के समय स्कूल बस बताया गया, जब परिवहन विभाग की वेबसाइट पर चेक किया गया तो पता लगा की असल में जिनको स्कूली बसें बात कर चालान किया गया उनके रजिस्ट्रेशन नंबर दोपहिया वाहनों के पाए गए। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक इस तरह की हेराफेरी अधिकारियों की मिलीभगत को दर्शाती है और वह व्यवस्था की अंतरात्मा को झकझोर देने वाला मामला है। जिससे स्कूली बच्चों की सुरक्षा खतरों में पड़ी हुई है । अधिकारियों की मिली भगत से कई स्कूल बस से फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर, एक्सपायर फिटनेस सर्टिफिकेट और अदायगी न किए गए टैक्सों के बावजूद सड़कों पर धड़ल्ले से चल रही है ।
पीठ में पंजाब सरकार से जवाब मांगा है और मामले को अगली सुनवाई के लिए स्थगित कर दिया है। पीठ में कहां है कि मामला गंभीर है संगरूर परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार और लापरवाही का आरोप लगाते हुए दायर एक जनहित याचिका पर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने मंगलवार को पंजाब को नोटिस जारी किया जिसमें कथित तौर पर फर्जी पंजीकरण संख्या, समाप्त फिटनेस प्रमाण पत्र और बकाया टैक्स वाली स्कूल बच्चों को बिना रोक-टोक चलाने की अनुमति दी गई।






