Home Crime News समन से गैरहाज़िरी के मामलों में अरविंद केजरीवाल की बरी के खिलाफ...

समन से गैरहाज़िरी के मामलों में अरविंद केजरीवाल की बरी के खिलाफ अपील करेंगे: दिल्ली हाईकोर्ट में बोली ED

122
0
ad here
ads
ads

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट को सूचित किया कि वह कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े समन के अनुपालन न करने के मामलों में पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को मिली बरी (acquittal) के खिलाफ चुनौती दायर करेगा। यह बयान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) एस.वी. राजू ने चीफ़ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ के समक्ष दिया।
यह घटनाक्रम तब सामने आया जब केजरीवाल के वकील ने ED द्वारा जारी समन को चुनौती देने वाली याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी। उन्होंने कहा कि चूंकि ट्रायल कोर्ट ने समन का पालन न करने से संबंधित मामलों में केजरीवाल को बरी कर दिया है, इसलिए वह अब इस याचिका को आगे नहीं बढ़ाना चाहते। इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका को वापस लेने की अनुमति देते हुए उसे निरस्त (dismissed as withdrawn) कर दिया। उल्लेखनीय है कि 22 जनवरी को ट्रायल कोर्ट ने उन मामलों में केजरीवाल को बरी कर दिया था, जिनमें ED ने आरोप लगाया था कि उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जारी समन का पालन नहीं किया। ED का आरोप था कि केजरीवाल ने जांच में शामिल होने के लिए जारी समनों की जानबूझकर अवहेलना की। इस संबंध में ED ने उनके खिलाफ दो आपराधिक शिकायतें दर्ज की थीं।
केजरीवाल ने नवंबर 02 और दिसंबर 21, 2023 तथा जनवरी 03 और जनवरी 18, 2024 को जारी ED समनों का पालन नहीं किया था और उन्हें “अवैध” बताया था। 21 मार्च 2024 को ED ने केजरीवाल को गिरफ्तार किया था। 20 जून 2024 को राउज़ एवेन्यू कोर्ट की अवकाशकालीन न्यायाधीश न्याय बिंदु ने उन्हें जमानत दी थी। हालांकि, ED की चुनौती पर दिल्ली हाईकोर्ट ने उस आदेश पर रोक लगा दी थी। इसके बाद जुलाई 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका को बड़ी पीठ के पास भेजते हुए उन्हें अंतरिम जमानत प्रदान की थी।
ED का आरोप है कि आबकारी नीति को एक साजिश के तहत लागू किया गया, ताकि कुछ निजी कंपनियों को थोक कारोबार में 12 प्रतिशत का लाभ दिया जा सके, जबकि यह प्रावधान मंत्रियों के समूह (GoM) की बैठक के कार्यवृत्त में दर्ज नहीं था। एजेंसी का यह भी दावा है कि विजय नायर और अन्य व्यक्तियों ने तथाकथित ‘साउथ ग्रुप’ के साथ मिलकर थोक विक्रेताओं को असाधारण लाभ पहुंचाने की साजिश रची। ED के अनुसार, विजय नायर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की ओर से कार्य कर रहे थे।

ad here
ads
Previous articleसुप्रीम कोर्ट ने CIC अपॉइंटमेंट्स के बारे में अपोज़िशन लीडर की असहमति को बताने का निर्देश देने से किया मना
Next articleफूड सेफ्टी ऑफिसर पद के लिए BDS डिग्री ‘मेडिसिन’ के समकक्ष नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here