पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने जालंधर के सिविल अस्पताल में कथित तौर पर ऑक्सीजन की कमी से हुई तीन मरीजों की मौत की जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर पंजाब सरकार से जवाब मांगा। चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी ने पंजाब सरकार के वकील को निर्देश प्राप्त करने और जवाब दाखिल करने को कहा। जालंधर निवासी सिमरनजीत सिंह ने हाईकोर्ट में हालिया कथित घटना का उल्लेख करते हुए याचिका दायर की, जिसमें 27 जुलाई को ऑक्सीजन की आपूर्ति में खराबी के कारण जालंधर के सिविल अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती मरीजों की मौत हो गई।
मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह तर्क दिया गया कि ऑक्सीजन आपूर्ति का काम संभालने वाला परिचारक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी था जिसे कोई तकनीकी ज्ञान नहीं था। अदालत ने आगे कहा, “पुलिस मामले के तथ्यों का जायजा लेने में बुरी तरह विफल रही, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। संबंधित अधिकारियों की ओर से गंभीर चूक के कारण अनुशासनात्मक कार्रवाई की आवश्यकता है।” मामले को आगे विचार के लिए 15 सितंबर के लिए सूचीबद्ध किया गया। केस टाइटल: सिमरनजीत सिंह बनाम पंजाब राज्य एवं अन्य।





